बिहार EWS प्रमाण पत्र: 8 लाख आय सीमा और 4 संपत्ति शर्तें
Sarkari Naukri Khabar • बिहार
बिहार में ईडब्ल्यूएस सामान्य वर्ग के उन उम्मीदवारों के लिए है जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है। चार संपत्ति शर्तें आय चाहे जो भी हो, परिवार को अपात्र कर देती हैं। यह प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप पर बनने वाला आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र है, न जाति प्रमाण पत्र और न अत्यंत पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र, और तीनों में इतना भ्रम होता है कि भर्ती संस्थाएं अधिसूचना में ही चेतावनी देती हैं। यह व्यवहार में हर साल का दस्तावेज़ भी है: सीएसबीसी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का मांगा जबकि आईबीपीएस ने 2025-26 की आय पर 2026-27 के लिए वैध प्रमाण पत्र मांगा। यह गाइड पात्रता की शर्तें, संपत्ति की शर्तें, परिवार की परिभाषा, वित्तीय वर्ष का पेच और विवाहित महिलाओं वाला नियम बताती है।
संक्षेप में
ईडब्ल्यूएस आरक्षण उन उम्मीदवारों के लिए है जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या ओबीसी आरक्षण के दायरे में नहीं आते और जिनके परिवार की सकल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है।
इसका दावा सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में निर्गत आय एवं परिसंपत्ति प्रमाण पत्र से किया जाता है। बिहार में इसके लिए आवेदन serviceonline.bihar.gov.in पर सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत अंचल, अनुमंडल या जिला स्तर पर होता है।
केवल आय पर्याप्त नहीं है। चार संपत्ति शर्तें ऐसी हैं जो आय चाहे जितनी कम हो, परिवार को अपात्र कर देती हैं, और वे आय सीमा से अधिक लोगों को रोकती हैं।
बिहार में ईडब्ल्यूएस की पात्रता शर्तें, एक सूची में
नीचे दी गई हर शर्त पूरी होनी चाहिए। ये विकल्प नहीं हैं, और इनमें से एक भी छूट जाए तो दावा समाप्त हो जाता है, बाकी चाहे कितनी भी आसानी से पूरी हो रही हों।
- आप सामान्य वर्ग के उम्मीदवार हों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या ओबीसी आरक्षण के दायरे में न आते हों। ईडब्ल्यूएस उन श्रेणियों का विकल्प है, उनके ऊपर जोड़ी जाने वाली चीज़ नहीं।
- परिवार की सकल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम हो, सभी स्रोतों से, जिनमें वेतन, कृषि, व्यवसाय और पेशा शामिल हैं।
- परिवार के पास पांच एकड़ से कम कृषि भूमि हो।
- परिवार के पास 1,000 वर्ग फुट या उससे बड़ा आवासीय फ्लैट न हो।
- अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्र में 100 वर्ग गज या उससे बड़ा आवासीय भूखंड न हो, और उसके बाहर 200 वर्ग गज या उससे बड़ा न हो।
- आप बिहार के मूल निवासी हों। राज्य के बाहर के उम्मीदवार बिहार के ईडब्ल्यूएस नियमों के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकते।
- दावा निर्धारित प्रारूप पर, अधिसूचना में बताए गए वित्तीय वर्ष के लिए, सक्षम प्राधिकारी से निर्गत आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र पर किया जाए।
ईडब्ल्यूएस न अत्यंत पिछड़ा वर्ग है, न ओबीसी
इन तीनों में लगातार भ्रम होता है और नुकसान उम्मीदवार का होता है। आरआरबी ने अपनी अधिसूचना में ही चेतावनी दी है कि आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग को ओबीसी या ईडब्ल्यूएस समझने की भूल न करें, और उसका प्रमाण पत्र ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र नहीं है।
ईडब्ल्यूएस अनारक्षित वर्ग के लिए है। यदि आपके पास पहले से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या ओबीसी का दर्जा है तो आप ईडब्ल्यूएस का दावा नहीं कर सकते। ये विकल्प हैं, सीढ़ी नहीं।
अत्यंत पिछड़ा वर्ग बिहार की अपनी कोटि है जिसका अलग प्रमाण पत्र बनता है। रेलवे जिस "आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग" पर शुल्क छूट देता है वह तीसरी ही चीज़ है। अधिसूचना में कौन सा शब्द लिखा है, वह ध्यान से पढ़ें।
आय की शर्त
परिवार की सकल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। यह अधिकतम सीमा है। इसके बराबर या अधिक होने पर दावा गिर जाता है।
आय का अर्थ है सभी स्रोतों से आय: वेतन, कृषि, व्यवसाय और पेशा। इस प्रयोजन के लिए कृषि आय को छूट प्राप्त नहीं है, जिससे ग्रामीण आवेदक अक्सर चौंकते हैं।
जो वर्ष गिना जाएगा वह आवेदन के वर्ष से ठीक पहले का वित्तीय वर्ष है। न चालू वर्ष, न कोई औसत।
वे संपत्ति शर्तें जो आय चाहे जो हो, अपात्र कर देती हैं
यदि परिवार के पास इनमें से कोई एक भी है तो वह ईडब्ल्यूएस से बाहर हो जाएगा, चाहे आय कितनी भी कम क्यों न हो।
- पांच एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि
- 1,000 वर्ग फुट या उससे बड़ा आवासीय फ्लैट
- अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्र में 100 वर्ग गज या उससे बड़ा आवासीय भूखंड
- अधिसूचित नगरपालिका से बाहर के क्षेत्र में 200 वर्ग गज या उससे बड़ा आवासीय भूखंड
- अलग-अलग स्थानों या शहरों में रखी संपत्ति इन शर्तों के लिए जोड़कर देखी जाएगी। उसे बांटकर बचा नहीं जा सकता
“परिवार” का अर्थ यहां क्या है
यह परिभाषा घर-परिवार से संकीर्ण है और एकल परिवार से व्यापक, और इसे गलत समझने पर प्रमाण पत्र ही गलत बन जाता है।
परिवार का अर्थ है उम्मीदवार स्वयं, उसके माता-पिता, 18 वर्ष से कम आयु के भाई-बहन, तथा उसका पति या पत्नी और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे।
अपनी आय वाला विवाहित बड़ा भाई इसमें नहीं आता। सोलह वर्ष का भाई-बहन इसमें आता है। माता-पिता के नाम की ज़मीन गिनी जाएगी; वयस्क भाई के नाम की नहीं।
वित्तीय वर्ष का पेच
ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र व्यवहार में हर साल का दस्तावेज़ है, और एक ही समय चल रही दो भर्तियां अलग-अलग वर्ष मांग सकती हैं। यह कोई कल्पना नहीं है।
सीएसबीसी ने विज्ञापन 01/2026 में वित्तीय वर्ष 2024-25 का आय एवं परिसंपत्ति प्रमाण पत्र मांगा, जो बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या 2622 दिनांक 26 फरवरी 2019 के अनुसूची-I (प्रपत्र-I) में निर्गत हो।
आईबीपीएस ने CRP CSA-XVI अधिसूचना में कहा कि प्रमाण पत्र वित्तीय वर्ष 2025-26 की आय पर वर्ष 2026-2027 के लिए वैध होना चाहिए।
सीएसबीसी यह भी कहता है कि प्रमाण पत्र निर्गत होने की तिथि से एक वर्ष तक वैध माना जाएगा। इसे संभालकर रखने वाला नहीं, हर साल बनवाने वाला दस्तावेज़ मानें।
विवाहित महिलाएं और बिहार का मूल निवास
सीएसबीसी ने विज्ञापन 01/2026 में यह नियम स्पष्ट किया है, और इसे आधा-अधूरा समझ लेना आसान है।
यदि विवाहित महिला अपने पति के साथ रहती है तो आय एवं परिसंपत्ति प्रमाण पत्र पति के स्थायी निवास वाले अंचल से निर्गत होगा।
लेकिन उसे अपने पिता के स्थायी निवास के आधार पर आवासीय प्रमाण पत्र भी देना होगा, ताकि यह स्पष्ट हो कि वह बिहार की मूल निवासी है। दोनों में से एक दस्तावेज़ अकेले दावा पूरा नहीं करता।
बिहार से बाहर के उम्मीदवार राज्य के इस नियम के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकते।
आवेदन कहां करें, और कितना समय रखें
आवेदन serviceonline.bihar.gov.in पर सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत करें। सेवा का नाम है "आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आय और संपत्ति प्रमाण-पत्र का निर्गमन", जो अंचल, अनुमंडल और जिला। तीनों स्तरों पर उपलब्ध है।
लोक सेवाओं के अधिकार की प्रकाशित सूची में जाति, आवासीय, आय तथा दोनों नॉन क्रीमी लेयर प्रमाण पत्रों के लिए 10 कार्य दिवस दिए गए हैं, पर इस सेवा के लिए कोई समय-सीमा उसमें अंकित नहीं है। इसलिए हम यहां कोई संख्या नहीं लिख रहे। आवेदन करते समय पोर्टल पर देख लें, और कम से कम उतना समय अवश्य रखें।
इसके लिए तत्काल का कोई रास्ता नहीं है। दो दिन वाली तत्काल सेवा केवल जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र तक सीमित है।
जिन गलतियों पर आवेदन अस्वीकृत होते हैं
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या ओबीसी का दर्जा रखते हुए ईडब्ल्यूएस का दावा करना। ये आपस में विकल्प हैं
- आय एवं परिसंपत्ति प्रमाण पत्र की जगह अत्यंत पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र या साधारण आय प्रमाण पत्र लगाना
- गलत वित्तीय वर्ष का प्रमाण पत्र: अधिसूचना में कौन सा वर्ष लिखा है, हर बार जांचें
- कृषि आय जोड़ना भूल जाना, या यह मान लेना कि पांच एकड़ से कम भूमि पर फ्लैट या भूखंड होने से कोई फर्क नहीं पड़ता
- वयस्क विवाहित भाई की आय या संपत्ति को बाहर मानते हुए नाबालिग भाई-बहन की गिनती न करना
- विवाहित महिला का केवल पति की ओर का प्रमाण पत्र देना, पिता की ओर का आवासीय प्रमाण पत्र दिए बिना
- निर्धारित प्रारूप के बजाय किसी और प्रारूप में प्रमाण पत्र। जहां अनुसूची-I, प्रपत्र-I कहा गया हो वहां वही चाहिए
- दस्तावेज़ सत्यापन के इतने पास आवेदन करना कि एक साल पुराना प्रमाण पत्र बीच में ही समाप्त हो जाए
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए आय सीमा कितनी है?
परिवार की सकल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम, जिसमें सभी स्रोत गिने जाते हैं (वेतन, कृषि, व्यवसाय और पेशा) और वह भी आवेदन के वर्ष से ठीक पहले के वित्तीय वर्ष की।
किस संपत्ति पर ईडब्ल्यूएस का लाभ नहीं मिलेगा?
पांच एकड़ या अधिक कृषि भूमि, 1,000 वर्ग फुट या बड़ा आवासीय फ्लैट, अधिसूचित नगरपालिका में 100 वर्ग गज या बड़ा भूखंड, या उससे बाहर 200 वर्ग गज या बड़ा भूखंड। अलग-अलग शहरों की संपत्ति जोड़कर देखी जाती है।
ईडब्ल्यूएस की आय गणना में परिवार कौन माना जाता है?
उम्मीदवार स्वयं, माता-पिता, 18 वर्ष से कम आयु के भाई-बहन, तथा उसका पति या पत्नी और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे। वयस्क विवाहित भाई-बहन इसमें नहीं आते।
क्या ईडब्ल्यूएस और अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक ही हैं?
नहीं। ईडब्ल्यूएस उन्हीं के लिए है जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या ओबीसी आरक्षण में नहीं आते, इसलिए यह उनका विकल्प है, अतिरिक्त नहीं। आरआरबी ने CEN 04/2026 में इस भ्रम पर चेतावनी छापी है।
ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र कब तक वैध रहता है?
सीएसबीसी के अनुसार निर्गत होने की तिथि से एक वर्ष, और अलग-अलग भर्तियां अलग वित्तीय वर्ष मांगती हैं। सीएसबीसी विज्ञापन 01/2026 ने 2024-25 मांगा जबकि आईबीपीएस ने 2025-26 की आय पर 2026-27 के लिए वैध प्रमाण पत्र। इसे हर साल का दस्तावेज़ मानें।
बिहार में ईडब्ल्यूएस की शर्तें क्या हैं?
परिवार की सकल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम हो, और परिवार के पास पांच एकड़ से कम कृषि भूमि हो, 1,000 वर्ग फुट या उससे बड़ा आवासीय फ्लैट न हो, तथा अधिसूचित नगरपालिका में 100 वर्ग गज या उसके बाहर 200 वर्ग गज या उससे बड़ा आवासीय भूखंड न हो। साथ ही आप सामान्य वर्ग के और बिहार के मूल निवासी हों।
ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए कौन पात्र है?
वे उम्मीदवार जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या ओबीसी आरक्षण के दायरे में नहीं आते और जिनका परिवार आय तथा संपत्ति दोनों शर्तें पूरी करता है। यदि आपके पास पहले से एससी, एसटी या ओबीसी का दर्जा है तो आप ईडब्ल्यूएस के पात्र नहीं हैं, क्योंकि ये श्रेणियां एक-दूसरे का विकल्प हैं।
बिहार में ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
सक्षम प्राधिकारी से निर्धारित प्रारूप पर निर्गत आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र, उसी वित्तीय वर्ष का जो अधिसूचना बताती है। आवेदन serviceonline.bihar.gov.in पर सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत होता है। पति के साथ रहने वाली विवाहित महिला पति के स्थायी निवास वाले अंचल से आवेदन करती है और बिहार का मूल निवास सिद्ध करने के लिए पिता के स्थायी निवास पर आधारित आवासीय प्रमाण पत्र भी देना होता है।
ℹ️ सरकारी नियम, शुल्क और समय-सीमा बदल सकते हैं। कोई भी कदम उठाने से पहले आधिकारिक पोर्टल या अपने प्रखंड कार्यालय से वर्तमान स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें।
अंतिम अपडेट: 24 सितंबर 2026